आँसू

Share:

जब जब तुम्हें याद करता हूँ

तब तब आ जाया करते हैं

यह आँसू हैं,

मेरा कहा कहाँ मानते हैं

यह बीमारी मुझे बर्षो से नही थीं

जब से तुम छोड़ कर गई हो

तभी से कुछ ज्यादा सो हो गई है

हाकिम, डॉक्टर सब हार गए है

प्यार, नफरत सब जान गए है

न कोई दवा काम करें, न दुआँ

नैनो की धाराओं की, न कोई वज़ह

क्यों यह बरसात हुई, किसको पता

अब तुम ही कुछ कर सकती हो

जिससे यह रुक सकते हैं

जब जब ........

मैं जानता हूँ, तुम नहीं आओगी

पर मैं तुमसे, इतनी तो विनती कर सकता हूँ

तुम न आओ, अच्छा ही होगा

पर यदि तुम्हारे बस में हो तो

अपनी यादों को भी बस में कर लो

यह बिन बुलायें ही, आ जाया करती हैं

और मुझे शता कर चली भी जाती हैं

मैं रोक नहीं पता हूँ, और बरसात हो जाती हैं

कुछ करों यर, नहीं तो में मर जाऊँगा

कब तक बरसता रहूँ, एक दिन थक जाऊँगा

बोल ही दो न यर अब की तुम

कभी भी नहीं आओगी

मैं सूकुन भरी नींद सो जाऊँगा

तुम मुस्कुराते ही रहना, मैं चला जाऊंगा

यह बरसात आ कर फिर कभी नहीं जायेगी

तुम भी खुश और मैं भी

यादें भी नहीं और वादे भी नहीं

अपने भी नहीं और पराये भी नहीं

अब अलविदा सनम, मैं चले जाता हूँ

कुछ बोलना हो तो अभी बोल दो

मैं फ़िर नहीं सुन पाउँगा

जाना तो है ही लो चले ही जाते हैं

जब जब..........

No comments