पता, पता है उसका

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पता, पता है उसका
आँख से झलका पानी
पानी है, उसका
पता, पता है उसका
ग़ुम थी कहीं
पर अब ग़ुम हो गई है
जनता हूँ मैं उसको
पर जान न सका
सपना मेरा अब
सपना ही रह गया
यार मेरा, बस
यार ही रह गया
मिले थे कभी, पर
मिल न पाए कभी
काफ़िला होना था
काफ़िला हो गया
नींद से जागे भी न थे
फिर नींद में सो गये
प्यार की चाह थी
प्यारे हो गये
ये ख़ुदा, मौत दे दे
पर ऐसी मौत न दे
जीना किस काम का
जो जीने न दे
अब दिल टूट गया है
जो दिल रुठ गया है
मेरी सासों में अब तू
साँसे न दे
मेरे प्यार को तू
प्यार दे उसका
पता, पता है उसका
आँख से झलका पानी
पानी है, उसका
पता, पता है उसका


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