मुझे प्यार जताना
नहीं आता
आँखों से आंसू
वहाना नहीं आता
जूठे बादे, मीठी बाते
निवाला दुःख का
निगलना नहीं आता
हाँ, आऊंगा
एक दिन जरूर
रोज़-रोज़ उम्मीद का पेड़
लगाना नहीं आता
आँखों से आँसू तेरे
एक दिन छुड़ा ही लेंगे
इस कदर बार-बार
पोछना नहीं आता
खुस तुम रहो
दुआ है हमारी
टूटते हुए दिल को
सीलन नही आता
तुम ही हो मेरा
पहला प्यार
पर आखरी भी हो
झूठे अल्फाजो का
मस्का लगाना
नहीं आता
पर इतना जरूर कहेंगे
तुम याद आओ
या न आओ
पर भूल नहीं पाएंगे
एक कतरा तुम्हरे पास है
मेरे टूटे दिल का
उसकी जगह
कोई कांच का टुकड़ा
नहीं आता
इंतिजार की घड़िया है
खत्म करूँगा जरूर
उड़ती हुई जुल्फों को
बंधना नहीं आता
दूर बहुत हूँ
क्या कर सकता हूँ
डोरी में ले जाना है
कंधे पर उठना
नही आता
तुम हँसो मुस्कुराओ
आस्क पे मेरे
फुआरो की बरसात में
भीगना नही आता
कभी मिलो किसी मोड़ पर
तो नजर मिला लेना
हम चुपके से
निकल जायँगे
खिलते हुए फूल की
टहनी तोड़ना
नही आता
मुझे प्यार जताना
नहीं आता

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