अब हम जा रहे हैं

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अब हम जा रहे हैं


हँसते हुए आये थे, हँसते हुए जा रहे हैं
न यह महफ़िल हमारी थी, न यह आशियाना
किसी ने दिल से निकाला, किसी के दिल से निकल के जा रहे  है....

कभी रौनक थी हमसे, कभी उदासी
कभी हम ही सब कुछ थे, कभी हमसे नाराजगी
रुलाया भी उसी ने और आंसू भी उसीने पोछे 
अजीव दस्ता थी, पर अब यादो की हैं परी
कही गुमसुदा थे, कही गुमसुदा होने जा रहे हैं...

न कोई ख़ूबइस थी हमारी न कोई चाहत
वफ़ा की उम्मीद थी और बस यही हक्कीकत
हमे तो यह भी पता नही चला कि, यह क्या हुआ
और उन्होंने कर हि दी, हम से बगाबत
बस दिल की तन्हाई को दबाते जा रहे है.....

अलविदा मेरे सभी साथियों और यारों
बस उलझी हुई जिंदगी है नही कोई किनारा
प्यार के समंदर का, न कोई ठिकाना
कब कौन सी लहर तुम्हे आपना बना ले
इसी के इंतिजार में , इंतिजार करते जा रहे है.....

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