नए जमाने की माधुशाला

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न तेरे बस में, न मेरे बस में
पी ले जो एक प्याला,
नए जमाने की माधुशाला

कितनो के गम पी गई
और कितनो को पी गई
टूटा दिल जो संभाल ले
भटके को भी राह दिखा दे
ऐसा जादू इसने कर डाला
नए जमाने....

हो गए हो यदि परेशान
ले लो तुम भी एक जाम
दुख - दर्द सभी टलेंगे
बिगड़े काम सब बनेगे
झुमोगे गले मे डाल के माला
नए जमाने .....

जो ले ले इसका साथ
यारो के दिल पे करें राज
भूल जाय सारे ग़म 
ले ले जो इनकी शरण
पिता मारे बांध के नाड़ा
नय जामने....

रात पियो दिन पियो
चा है सुबह शाम पियो
जो लगा ले मुह न्यारा
बीबी छुटे ड्यूटी छुटे
मीले उसे क्वारी बाला
नए जमाने.....

न तेरे बस में, न मेरे बस में
पी ले जो एक प्याला
नए जमाने की माधुशाला

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