हमें क्या पता था, समुद्र की गहराई।
लेने उसका थाओं, हम कूद गए ।।
घास का था, हमारा आशियाना।
जला के दीपक, रात भूल गए।।
जला के दीपक, रात भूल गए।।
पाने की उनकी जहां में, हम।
ऐसे निकले, रास्ता भूल गए ।।
ऐसे निकले, रास्ता भूल गए ।।
जब से देखा है, हमने तुमको ।
नशा ऐसा, शराब भूल गए।।
नशा ऐसा, शराब भूल गए।।
अब तो दोस्त भी, उड़ाते मजाक।
रिश्ते - नाते सब टूट गए।।
रिश्ते - नाते सब टूट गए।।
हमें क्या पता था.........

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